नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की विदेशी मुद्रा जुटाने की विशेष पहल को बड़ी सफलता मिली है। FCNR-B deposits के जरिए आने वाला पैसा $65 बिलियन के पार पहुंच गया है। RBI की हालिया नीतिगत पहल के तहत कुल विदेशी मुद्रा inflows अब $72 बिलियन से ज्यादा हो गए हैं।
RBI के आंकड़ों के मुताबिक, FCNR-B deposits के अलावा External Commercial Borrowings (ECBs) से करीब $2.6 बिलियन और Overseas Foreign Currency Borrowings (OFCBs) से करीब $4.9 बिलियन का inflow आया है।
31 अगस्त है अहम डेडलाइन
RBI ने विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने और देश के external sector को मजबूत करने के लिए यह विशेष swap सुविधा शुरू की थी। पहले इसकी अवधि सितंबर तक थी, लेकिन मजबूत inflows के चलते RBI ने FCNR-B deposits से जुड़ी विशेष swap window को 31 अगस्त 2026 तक सीमित कर दिया।
इस अभियान से भारत के forex reserves को भी मजबूती मिली है। 14 अगस्त तक देश का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर $716.9 बिलियन के करीब पहुंच गया था।
क्या है FCNR-B?
FCNR-B यानी Foreign Currency Non-Resident (Bank) Deposit एक विदेशी मुद्रा में रखा जाने वाला NRI term deposit है। RBI के नियमों के तहत ये खाते पात्र NRIs के लिए उपलब्ध होते हैं।
FCNR-B deposits का $65 बिलियन के पार पहुंचना RBI की विदेशी मुद्रा जुटाने की रणनीति की बड़ी सफलता मानी जा रही है। कुल inflows के $72 बिलियन से ऊपर पहुंचने से भारत के external sector और forex reserves को मजबूत समर्थन मिला है।
अब सबकी नजर 31 अगस्त 2026 की डेडलाइन पर है। इसके बाद यह देखना अहम होगा कि विदेशी मुद्रा प्रवाह, बैंकिंग सिस्टम की liquidity और भारत के forex reserves पर इस अभियान का लंबी अवधि में क्या असर पड़ता है।
बैंक अब विदेशी बाजारों से भी जुटा रहे पैसा
RBI की swap facility की डेडलाइन नजदीक आने के साथ भारतीय बैंकों ने विदेशी बाजारों से फंड जुटाने की रफ्तार भी बढ़ाई है। Reuters के मुताबिक कई बड़े भारतीय बैंक डॉलर बॉन्ड और विदेशी उधारी के जरिए अतिरिक्त फंड जुटाने की तैयारी में हैं।
31 अगस्त के बाद क्या होगा?
31 अगस्त 2026 RBI की विशेष concessional forex swap facility के लिए अहम तारीख है। बैंक इस अवधि तक जुटाई गई पात्र विदेशी मुद्रा जमा पर निर्धारित hedging/swap सुविधा का इस्तेमाल कर सकेंगे। RBI द्वारा डेडलाइन को एक महीने पहले करने का फैसला मजबूत inflows और देश की बेहतर external position के बीच आया है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि भारत में FCNR-B deposits सामान्य रूप से बंद हो जाएंगे। यहां महत्वपूर्ण बात RBI की विशेष concessional swap/hedging window की समयसीमा है।





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